आज की हमारी कहानी है एक राजनैतिक पार्टी के जाने माने नेता,लेखक और राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय की पूरी शादी की कहानी। …

माँ ! ये मंगल-दोष,शनि-दोष  कुछ नहीं होता अगर कोई दोष होता है तो इसका समाधान भी होगा,फिर इसमे लड़की कि गलती है  मै उससे प्यार करता हूँ और वो भी मुझे उतना ही चाहती है जितना की मै उसे। …. दिलीप कि ज़िद के आगे माँ को घुटने टेकने पड़े और वो शादी के लिए मान गयी, लेकिन असली मुश्किल तो बाकी थी लड़की पक्ष की हामी अभी बाकी थी। और वहाँ दिलीप की एक न चली और लड़की के घरवालों ने लड़की के  मंगली दोष होने की वजह से शादी नहीं होने दी। …

बात है साल 2004 कि जब दिलीप भोपाल (मध्यप्रदेश) में MCA की पढाई कर रहे थे उस दौरान दिलीप की मुलाक़ात एक लड़की से हुई,जिसको वो अपना दिल दे बैठे और अपना जीवन का हमसफ़र बनाने की ठान ली। लेकिन समाज के बनाये हुए समाजिक चक्रव्यूह में फसंकर दिलीप ने अपना प्यार खो दिया। जिसके साथ दिलीप ने अपनी आने वाली जिंदगी को लेकर सपने बुने थे। उसको खोने के गम दिलीप काफ़ी उदास रहने लगे और उन्होंने तय किया कि वो कभी शादी नहीं करेंगे।

धीरे-धीरे समय बीतता गया। … इस बात को तीन साल बीत गए इस बीच दिलीप के लिए काफ़ी रिश्ते आये लेकिन दिलीप तो शादी न करने के अपने फ़ैसले पर कायम थे इन सभी रिश्तों में से एक रिश्ता था प्रियंका का। जिनके पिताजी काफ़ी समय से दिलीप की माताजी से शादी को लेकर संपर्क में थे माँ ने कई बार बोला कि एक बार तुम प्रियंका के पिताजी से मिल तो लो। शादी होना न होना तो ऊपर वाले के हाँथ में है…… ऐसा कहने पर दिलीप राज़ी हो गये और प्रियंका के पिता से मुलाक़ात की। …

प्रियंका के पिताजी से मिलने के बाद, दिलीप को प्रियंका के पिता में अपने पिता की छवि होने का एहसास हुआ।  इसलिए वो हमेशा से अपने जीवन में पिता की कमी महसूस  करते थे और इस वजह से दिलीप ने अपने शादी न करने के फैसले को छोड़  दिया और 8 फ़रवरी 2007 को प्रियंका के साथ सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंध गए।

शादी के कुछ दिन तक तो दिलीप हैदराबाद में जॉब कर रहे थे और समय अपनी गति से चला जा रहा था  इन सबके बीच साल 2011 में जब हिंदुस्तान में भ्रस्टाचार के खिलाफ दिल्ली में सबसे बड़ा आंदोलन सर उठा रहा था जिसके मुखिया अन्ना हज़ारे और अरविन्द केजरीवाल थे दिलीप को जब आंदोलन के बारे में पता चला तो वो इस आंदोलन से इस कदर प्रभावित हुए की उन्होंने अपनी जॉब के दौरान हांगकांग में ही अनशन रखना शुरू कर दिया और जब तक यहाँ अन्ना हज़ारे अनशन पर बैठे थे उतने ही दिन दिलीप ने हांगकांग  में उपवास रखा…

इस घटना के बाद से दिलीप का मन जॉब में कम और देश भक्ति में ज्यादा लगा रहता और जुलाई 2012 दिलीप अपनी अच्छी ख़ासी जॉब को छोड़कर अपने देश वापस आ गये और भ्रस्टाचार के खिलाफ इस देश-व्यापी आंदोलन में कूद पड़े और आंदोलन को मजबूती प्रदान की। …

अब  दिलीप और प्रियंका की शादी को लगभग 11 साल होगये है और दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ख़ुश है आज दिलीप और प्रियंका दो ख़ूबसूरत बच्चो कान्हा और जोया के माता -पिता है दिलीप आज हिंदुस्तान की राजनीती में एक जाना माना नाम है रोज़ाना हज़ारो लोगो से मिलने और अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावज़ूद दिलीप अपने परिवार को भरपूर प्यार और समय देते है ….

सबसे ख़ास पल –

दिलीप POORI SHAADI KI KAHAANI KI TEAM को बताते है कि साल 2016 प्रियंका के पिता का ब्रेन हेमरेज  हो गया था उस दौरान वो बनारस के हॉस्पिटल में थे जहाँ डॉक्टरो ने प्रियंका के पिताजी की स्थिति को देखते हुए बचने की उम्मीदों से इंकार कर दिया। .. ये सुन कर दिलीप को बड़ा झटका लगा,दिलीप को ऐसा लगा की वो दूसरी बार अपने पिताजी को खो देंगे। …  पर वो हिम्मत नहीं हारना चाहते थे उन्होंने हर संभव प्रयास किया,अपने सभी दोस्तों और जानकारों से मदद मांगी और सभी ने दिलीप का भरपूर साथ दिया। दिलीप ने लोगो मदद से बनारस से पिताजी को दिल्ली के जी.बी. पंत  हॉस्पिटल में शिफ्ट किया, यहाँ भी डॉक्टर्स की टीम ने बनारस वाले डॉक्टर की बात दोहराई,हालाँकि ऑपरेशन का रास्ता भी बताया जोकि काफी जोखिम भरा था साथ ही  काफी पैसो का ख़र्चा भी बताया, ऐसे में दिलीप के पास ऑपरेशन के सिवा कोई रास्ता नहीं था और पैसो का इंतज़ाम भी करना था लेकिन दोस्तों ने दिलीप का पूरा साथ दिया और पैसो का पूरा इंतज़ाम कर दिया.अब ऑपरेशन होना बाक़ी था और  वो भी हो गया,लेकिन डॉक्टर ने बोला की एक हफ़्ते बाद ही सही स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है सब लोग बस दुआए मांग रहे थे पिताजी के ठीक होने की और उपरवाले ने दुआए क़बूल कर ली,लगभग एक हफ्ते बाद प्रियंका के पिता ने सबको पहचानना शुरू किया। दिलीप को लगा की मानो उनके पिताजी उनको वापस मिल गए। दिलीप इस पल को याद करके आज भी भावुक हो जाते है

मैसेज: दिलीप कपल को मैसेज देना चाहते है कि चाहे वो लड़की हो या पत्नी या लड़का या पति सबको अपने साथी(पार्टनर)पर ट्रस्ट करना और साथ ही उसको अपना स्पेस (प्रिवेसी) के लिए आज़ादी देनी चाहिए

तो दोस्तों ये थी दिलीप और प्रियंका की पूरी शादी की कहानी। ..अगर आपकी भी ऐसी कोई कहानी जो है सबको बतानी तो शेयर कीजिये हमारे साथ हम शेयर करेंगे सबके साथ। ..अपनी कहानी हमे ईमेल करे

ईमेल : poorishaadikikahaaniya@gmail.com   

IMAGE SOURCE: Internet & getty Image


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please wait...

Subscribe to our newsletter

Want to be notified when our article is published? Enter your email address and name below to be the first to know.