दोस्तों संयोग एक ऐसी चीज है जो कहीं भी और कभी भी हो सकता है और अगर बात हो शादी की तो कई बार आपको ऐसे इत्तेफ़ाक़ मिलेंगे कि आप हैरान रह जायेंगे और आप खुद ब खुद कहेंगे कि सचमुच रिश्ते ऊपरवाला ही बनाता  है

आज की कहानी है मुरादाबाद की रहने वाली धारणा और इलाहबाद के रहने वाले प्रत्युष की। इनकी कहानी की शरुआत होती है साल 2006 में जब दोनों अपने स्कूल की पढाई ख़त्म कर ग्रेजुएशन के लिए अपने घरो से निकल कर नोएडा के एक कॉलेज  में दाखिला लेते है जहाँ धारणा फ़ार्मर्सी की छात्रा तो वही प्रत्युष इंजीनिरिंग के छात्र है,दोनों का एडमिशन अलग-अलग कोर्स में होता है कॉलेज का नया सत्र शुरू होने के कारण  कॉलेज में फ्रेशर पार्टी आयोजित की गयी थी जहाँ धारणा को मिस फ्रेशर बनाया गया वही दूसरी तरफ प्रत्युष अपने फोटोग्राफी के शौक के कारण काफ़ी मशहूर हो गये थे उस फंक्शन के दौरान प्रत्युष ने काफ़ी सारी  फोटो ली जिसमे कुछ धारणा की भी थी,प्रोग्राम खत्म हो चुका था लेकिन धारणा जोकि फोटो खिंचवाने की काफ़ी शौकीन थी

फंक्शन के दौरान ली गयी फोटो के सिलसिले धारणा की मुलाक़ात प्रत्युष से हुई,दोनों की फोटो आदान-प्रदान के दौरान काफी बातचीत हुई पहली बातचीत के दौरान ही दोनों अच्छे दोस्त बन गए,धारणा अपने शौक के मुताबिक़ फोटो खिचवाने के लिए हमेशा प्रत्युष से मिलती जिससे दोनों की दोस्ती और गहरा गयी और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई, दोनों बिलकुल अलग-अलग इंसान थे धारणा आर्टिस्टिक सोच वाली तो वही प्रत्युष तकनिक में रूचि रखते थे धारणा हिंदी फिल्मे देखने की शौकीन थी तो दूसरी तरफ प्रत्युष का झुकाव इंग्लिश फिल्मो की और ज्यादा था इन सब के बीच कॉलेज के चार साल कब ख़त्म हो गए पता ही नहीं चला, आपको बता दे एक तरफ जहाँ धारणा पढाई में अव्वल आती थी वही प्रत्युष का पढाई में दिल ही नहीं लगता था

इस वजह से धारणा ने अपनी आगे की पढाई ज़ारी रखी तो वही प्रत्युष Govt. जॉब की तैयारी में जुट गए और इन सबके बीच धारणा ने पोस्ट ग्रैजुएशन की पढाई पूरी करके जॉब ज्वाइन कर ली लेकिन दूसरी तरफ प्रत्युष को कोई ख़ास कामयाबी हाँथ नहीं लगी ऐसे में दोनों को लगने लगा कि कहीं इस वजह से दोनों को अलग न होना पड़े। धारणा को अच्छी जॉब मिल चुकी थी ऐसे में घर वालो की तरफ से धारणा की शादी की चर्चा तेज़ हो गयी थी तो दोनों ने अपने रिश्ते के बारे में घर में बताने का निर्णय लिया लेकिन सही मौके का इंतज़ार करते हुए धरना ने अपनी माँ को प्रत्युष  और अपने रिश्ते के बारे में बताया, धरना की बात सुन कर माँ ने तुरंत ही घर आने के लिए बोला,ऐसे में धरना को लगा के उनके पिताजी और माँ शायद बहुत नाराज़ होंगी उनकी इस बात से।

लेकिन जब धारणा घर पहुंची तो परिस्थितियाँ बिलकुल अलग थी धारणा के परिजन ने इस रिश्ते को काफी सपोर्ट किया लेकिन वो प्रत्युष  की जॉब को लेकर थोड़े परेशान भी थे जिस वजह से धारणा के परिजन ने एक शर्त रखी कि अगर प्रत्युष रिश्ता पक्का होने से पहले किसी अच्छी कंपनी में जॉब ज्वाइन कर लेते है तो शादी करवा देंगे अन्यथा नहीं। ..कहानी में ट्विस्ट आ चुका था प्रत्युष  के परिजन जोकि इस रिश्ते के पूरी तरह सपोर्ट में थे उनको भी इस शर्त ने थोड़ा परेशान किया लेकिन उस दौरान प्रत्युष  ने IT की एक नामी कंपनी HCL में जॉब के लिए आवेदन किया था जिसका परिणाम उस दिन आया, जिस दिन धारणा के परिजन प्रत्युष की जॉब न होने कारण रिश्ते से न कहने वाले थे जब तक धारणा के परिजन प्रत्युष  के घर फ़ोन करते उससे पहले प्रतुश के घर से धारणा को फ़ोन आता है कि प्रत्युष को HCL में बतौर इंजिनियर जॉब मिल गयी है.ये खबर सुनते ही सब लोग बहुत खुश हुए और शादी के लिए सभी लोगो ने ख़ुशी ख़ुशी सहमति जताते हुए 22 नवंबर 2014 को धारणा और प्रत्युष की शादी धूमधाम से करा दी।

आज लगभग शादी के चार साल हो चुके है प्रत्युष और धारणा दोनों एक दुसरे के साथ बहुत खुश है दोनों अपनी जॉब के साथ-साथ अपने शौक को भी पूरा करते है एक तरफ धारणा जहाँ एंकरिंग करती है वही दूसरी तरफ प्रत्युष अपने फोटोग्राफी के प्यार को पूरा करने के लिए धारणा के शो में उनका सपोर्ट सिस्टम भी बनते है और फोटोग्राफी भी करते है.

 

 

ख़ास पल : धारणा ने POORISHAADI KIKAHAANI  टीम से बताया कि उनकी शादी एक ऐसे दिन हुई है जिस दिन शादी का कोई ख़ास मुहूर्त नही थाइसके पीछे कारण था प्रत्युष  के द्वारा बनाया गया एक वेडिंग कार्ड जो कि प्रत्युष  ने 2008 में बनाया था उस कार्ड की एक फोटो प्रत्युष के कंप्यूटर में थी शादी से कुछ दिन पहले प्रत्युष पुरानी फोटो देख रहे थे उस दौरान प्रत्युष की नज़र उस कार्ड पर गयी जिसमे शादी की तारीख 22.Nov थी  जाने अनजाने में ही सही लेकिन प्रत्युष ने अपनी शादी की तारीख सालो पहले फिक्स कर रखी थी तो तभी प्रत्युष  ने निर्णय किया कि चाहे उस दिन शादी की तारीख होना….. न हो…. लेकिन शादी इसी दिन होगी,और 6  साल पहले बनाये गए शादी कार्ड पर लिखी तारीख़  के अनुसार ही दोनों की शादी 22.Nov. 2014 को संपन्न हुई.

कपल मैसेज: हर लव स्टोरी में  घरवाले (परिजन)विलेन नहीं होते। कई बार उनसे बात करके और अपनी चीज़े शेयर करने से भी सकस्य का समाधान हो जाता है जरुरी है कि आप अपने माँ-बाप को समझें और उसके अनुसार कदम उठाये। एक दूसरे का साथ देना भी जरुरी होता है रिश्ते को एन्जॉय करने के साथ उसके भविष्य के लिए सही फैसला करना भी जरुरी होता है हर इंसान की परिस्थिति अलग होती है और उसको अपनी परिस्थिति को जितनी जल्दी समझ जाये उतना बेहतर होता है अच्छा समय वही लोग गुज़ारते  है जो बुरे समय में एक-दुसरे का साथ देते है वक़्त से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता।

 

तो दोस्तों ये थी धारणा और प्रत्युष  की POORISHAADI  KI  KAHAANI अगर आपकी भी ऐसी कोई कहानी जो है सबको बतानी तो शेयर कीजिये हमारे साथ हम शेयर करेंगे सबके साथ.अपनी कहानी भेजने के लिए हमे poorishaadikikahaaniya@mail.com पर मेल करे!


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