वो कहते है न की जोड़ी धरती पर नहीं आसमानो में बनती है ऐसा ही कुछ लगेगा आपको आज की कहानी पढ़ने के बाद। ….

मै जिससे शादी करुँगी उसको मै पसंद करुँगी आखिर मेरी जिंदगी भर का सवाल है ऐसे ही कोई थोड़ी न फैसला लेलेगा मेरी शादी का। …. कि में किससे शादी करुँगी और किससे नहीं। .. …. में एक पढ़ी लिखी लड़की हूँ …जोकि पूरी तरह आत्मनिर्भर हूँ ….भई …! मै तो नहीं करने वाली शादी ……..घरवालों की मर्जी से जिसे में ठीक से जानती भी नहीं हूँ कभी उससे मिली नहीं। … कभी देखा तक नहीं। किसी इंसान से सिर्फ एक बार मिलकर जिंदगी भर का फैसला कैसे कर लूँ , नहीं …….. मै नहीं ……… कर सकती ये शादी ….. …

आज की पूरी शादी की कहानी है मेरठ की रहने वाली सुरभि की। बात है साल 1997…. जब सुरभि MBBS फाइनल ईयर के एग्जाम दे रही थी ऐसे तो सुरभि रोज EXAM के बाद अपनी माँ से बात करती थी पर जिस दिन सुरभि का आखिरी एग्जाम था उस दिन माँ ने बताया कि तुम घर आ जाओ 2 दिन बाद तुम्हे लड़के वाले देखने आ रहे है ये बात सुनकर सुरभि की EXAM खत्म होने की ख़ुशी छु-मंतर होगयी। जहाँ सुरभि के सभी दोस्त EXAM खत्म होने की ख़ुशी में तरह तरह के प्लान बना रहे थे वही सुरभि अपने कमरे में उदास बैठी थी उसकी उदासी देख कर सुरभि की ख़ास दोस्त ने पूछ ही लिया कि। ..क्या बात है सुरभि…… सब लोग EXAM ख़त्म होने की ख़ुशी मना तुम हो की उदास हो रही हो आखिर क्या कारण है इसका। …. काफी पूछने के बाद सुरभि बोली देखो ………….SIMRAN ………

मै जिससे शादी करुँगी उसको मै पसंद करुँगी आखिर मेरी जिंदगी भर का सवाल है ऐसे ही कोई थोड़ी न फैसला लेलेगा मेरी शादी का। …. कि में किससे शादी करुँगी और किससे नहीं। .. …. में एक पढ़ी लिखी लड़की हूँ जोकि पूरी तरह आत्मनिर्भर हूँ भई मै तो नहीं करने वाली शादी घरवालों की मर्जी से जिसे में ठीक से जानती भी नहीं हूँ कभी उससे मिली नहीं। … कभी देखा तक नहीं। किसी इंसान से सिर्फ एक बार मिलकर जिंदगी भर का फैसला कैसे कर लूँ , नहीं ……..

मै नहीं ……… कर सकती ये शादी ….. .. ये सुनते ही सुरभि की सहेली बोली- बात तो तेरी ठीक है पर तुझे एक बार अपने घरवालों से बात करनी चाहिए, शायद मान जाये। सुरभि को लगा कि है एक बार तो बात करनी चाहिए…. ये सोचकर सुरभि ने अपनी माँ से बात की और उनको समझाया, पर सुरभि की माँ बोली की तुम एक बार मिल तो लो. ….. वो लोग है कल आने वाले है। अगले दिन लड़के वाले सुरभि को देखने के लिए आये, और सुरभि को पसंद भी करके चले गए …..साथ ही सुरभि के घरवालों को भी लड़के वाले अच्छे लगे, जो लड़का सुरभि को देखने आया था वो भी डॉक्टर था बावजूद इसके सुरभि इस शादी से खुश नहीं थी और सुरभि ने शादी से इंकार कर दिया, इस वजह से सुरभि के घरवालों ने भी मना कर दिया, वहीं इस बात से लड़के वाले बहुत नाराज हुए ….

लेकिन सुरभि बहुत ख़ुश थी अपने इस फैसले से…..पर जो लड़का सुरभि को देखने आया था यानी Dr. प्रवीण सिंह, जिसे सुरभि पहली ही नजर में इतनी अच्छी लगी की प्रवीण ने सुरभि से कहा कि अगर तुम शादी नहीं करना चाहती तो ठीक है पर हम दोस्त तो बन सकते है ना ? सुरभि को भी इससे कोई दिक्कत नहीं थी तो सुरभि ने हामी भर दी, इस तरह से दोनों में बात-चित का दौर शुरू हुआ , धीरे- धीरे दोनों एक दुसरे को ज्यादा समय देने लगे और एक दुसरे समझने लगे, धीरे धीरे ये दोस्ती प्यार में बदल गयी, लगभग डेढ़ साल बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया, लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट आना तो बाकि था सब जानते है की हिंदुस्तान में लव मैरिज करना एक लड़ाई जीतने के बराबर है और पर इस बार सुरभि नहीं नाराज थी। .नाराज थे तो सुरभि के घरवाले ….

और खासतौर से सुरभि की माँ वही दूसरी तरफ भी कुछ ऐसा ही आलम था Dr. प्रवीण के पिताजी जो इस शादी के सख्त खिलाफ हो गये थे वो पिछली बाते भूले नहीं थे और न ही सुरभि के घरवाले, जब दोनों के काफी कोशिशों के बाद भी दोनों के परिवार वाले नहीं माने, तो दोनों ने खुद ही कोर्ट मेर्रिज कर ली और इसके कुछ दिन बाद घरवालों को बता दिया, सुरभि और प्रवीण दोनों के ही घरवाले इस कदम से खासे नाराज हुए, पर सबने यही सोचा की ‘अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गयी खेत ‘ ऐसे में दोनों के घरवालों ने दोनों की शादी समाजिक तौर पर करने का फैसला किया और 10 फ़रवरी 2000 को सुरभि और प्रवीण की शादी काफी धूमधाम से संपन्न हुई।
आज सुरभि और प्रवीण की शादी को 18 साल से ज्यादा हो गये है इस दौरान सुरभि और प्रवीण ने बीते वर्षो में काफी उतार-चढाव देखे, पर दोनो ने जिंदगी के हर मोड़ पर एक दुसरे का बखूबी साथ निभाया।

… आज सुरभि एक कामयाब Dr. होने के साथ-साथ अच्छी पत्नी भी है घर, बच्चो और अपनी डॉक्टरी के साथ वे अपने एक कार्यकर्म सच्ची -सहेली के माध्यम से महिलाओ की समस्याओ पर भी काम करती है वही प्रवीण भी एक अच्छे पति होने के साथ-साथ सुरभि के अच्छे दोस्त भी है वे सुरभि के साथ एक मजबूत पिलर की तरह हमेशा रहते है और उनकी हर किसी चीज में भरपूर मदद करते है आज सुरभि और प्रवीण अपनी शादी से बहुत खुश है साथ ही वे नयी पीढ़ी को संदेश देना चाहते है कि- शादी के बाद दोनों ही पति-पत्नि एक अलग-अलग संसार से आते है दोनों को ही एक दुसरे को समझने का समय देना चाहिए, क्योंकि हर किसी रिश्ते में ख़ुशीयो के लिए जगह भरपूर होती है बस जरुरत है एक दुसरे के साथ देने की। …….

तो दोस्तो ये थी डॉ. सुरभि और डॉ. प्रवीण की POORI SHAADI की कहानी, अगर आपकी भी है ऐसी ही कोई कहानी, जो है सबको बतानी, तो शेयर कीजिये हमारे साथ हम शेयर करेंगे सबके साथ — अपनी कहानी भेजने के लिए हमे मेल करे

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Categories: Hindi Stories

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