वो कहते है ना रिश्ते  धरती पर नहीं आसमानों में बनते है

जी हां दोस्तों आज की कहानी पढ़ने के बाद आपको कुछ ऐसा ही लगेगा 

रोजाना  की तरह आज भी राजेश ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे कि तभी माँ ने राजेश से  कहा। …. बेटा कल तिवारी अंकल और पांडेय अंकल आये थे और तेरे रिश्ते की बात करके गए है…. फोटो भी आयी हुई है एक बार देख ले। …. क्या माँ …. तुम भी न रोजाना ये शादी की रट लगाए रहती हो जब में इतनी बार मना कर चूका हूँ कि मुझे अभी शादी नहीं करनी तो बस नहीं करनी। ….. ये कह कर राजेश हमेशा की तरह रिश्ते को मना कहकर ऑफिस को निकल गए। …..ये बात है उस समय की। ..जब राजेश CS (कंपनी सैक्रेटरी) की पढाई कर रहे थे और उस दौरान राजेश CS की पढाई के साथ साथ जॉब भी किया करते थे राजेश के ऊपर पूरी तरह से करियर बनाने का धुन सवार था इसलिए वो किसी भी तरह अपना  ध्यान पढाई से भटकाना नहीं  चाहते थे पर लोगो को थोड़ी न इस बात से कोई मतलब है  आये दिन कोई न कोई रिश्ता राजेश के लिए आता रहता था इसके पीछे कारण थे उनके पिताजी R.B.शुक्ला जोकि समाज में अच्छे  इज़्ज़तदार और रसूखदार लोगो में से एक थे इसलिए हर कोई शुक्ला परिवार से अपना रिश्ता बनाना चाहता था अब तक राजेश के लिए 32 रिश्ते आ चुके थे पर सभी लोगो को राजेश मना कर चुके थे और इस बार भी हमेशा की तरह राजेश ने इस रिश्ते को भी न कह दिया था।

 शाम को राजेश ऑफिस से घर पहुंचे, फ्रेश हुए और फ्रिज से पानी निकलने  जैसे ही  फ्रिज के पास पहुंचे की तभी राजेश की  नज़र  फ्रिज पर रख़ी हुई फोटो पर गयी। ..फोटो देखते ही राजेश उस फोटो में इतना खो गए की पानी पीना ही भूल गए।  राजेश को फोटो में दी गयी तस्वीर बहुत पसंद आयी और राकेश ने सीधा जाकर अपने जिगरी यार संजय को बताई और कहा कि यार रिश्ता आया हुआ लड़की भी फोटो देख कर मुझे पसंद आ गयी है

पर एक परेशानी है…. दोस्त बोला….. कैसी परेशानी ? राजेश ने बताया की यार मुझे डर है कहीं शादी के चककर में करियर न ख़राब हो जाय। ..तब  संजय बोला की “देख राजेश ये पहला ऐसा मामला है जब तुझे कोई  लड़की पसंद आयी है इस बार न मत कर। ..क्या पता  शादी के बाद लाइफ और अच्छी सेट हो जाए। … राजेश भी इस बात सहमत होते हुए घर आये और माँ को बताया।

पहली मुलाक़ात

इसके बाद  24 अप्रैल  के दिन लड़की वालो से दिल्ली के बिरला मंदिर में मिलना तय हुआ। ..ऐसा  पहली बार हो रहा था जब राजेश किसी ऐसी लड़की से मिल रहे थे जिसको उन्होंने सिर्फ फोटो में देखा हो। …. और 24th अप्रैल आ गयी, बिना देरी किये दोनों परिवार समय से पहुंच गए। ..और अब राजेश और वो फोटो वाली लड़की एक दूसरे के सामने थे राजेश ने देखा कि फोटो वाली लड़की फोटो में  जैसी दिखती है उससे भी ज्यादा ख़ूबसूरत है वैसे राजेश तो फोटो वाली लड़की को पहले ही दिल दे चुके थे  वहीं दूसरी तरफ फोटो वाली लड़की यानी सुमन को भी राजेश बहुत पसंद आये। जब दोनों ने हाँ कर दी  तो राजेश  परिवार वालो शादी की तारीख़ रखने को कहा। .पर सुमन के परिवार वाले तो दो क़दम आगे निकले वो पहले से ही से तारीख़ निकलवा कर आये थे दो विकल्पों में एक 13 मई का दिन शादी के लिए तय हुआ जोकि सिर्फ 18 दिन बाद  में थी

शादी

13th मई को राजेश और सुमन परिणय सूत्र में बंध गए। 

यादगार पल :

शादी के बाद  राजेश और सुमन हनीमून से जब वापस लोटे तो कुछ दिन बाद ही सुमन की तबीयत काफी ख़राब हो गयी जिस वजह से दोनों परिवार इस नए रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थे पर इस मुसीबत की घड़ी में जब सुमन को सबसे ज्यादा राजेश के साथ की जरुरत थी ऐसे में राजेश ने सुमन का साथ बख़ूबी निभाया और सुमन का अच्छे से इलाज के साथ- साथ मनोबल भी बढ़ाया। इस घटना के बाद राजेश और सुमन के रिश्ते को एक मजबूती मिली। इन सबके के बीच राजेश अपनी CS की पढ़ाई  नहीं कर पाए पर सुमन के सपोर्ट की वजह  उन्होंने लॉ की पढाई की जिसमे उनको सफलता मिली। ..आज राजेश पेशे से एक क़ामयाब Advocate  है और एक खुशहाल जीवन जीते  है..

आज सुमन और राजेश की शादी को काफी साल हो चुके है पर राजेश POORI SHAADI  को बताते है की हमे पता ही नहीं चला साल एक दुसरे का साथ  निभाते –निभाते इतने साल कब बीत गए पता ही नहीं चला, दोस्तों आज राकेश और सुमन के दो बच्चे है जो काफी बड़े हो गए है पर राकेश कहते है जैसे वो कल की ही बात थी जब मैंने फोटो देखी थी। ……

तो दोस्तों ये थी राकेश और सुमन की Poorishaadi की कहानी आपकी ज़ुबानी। ..अगर आपकी भी ऐसी कोई कहानी जो है सबको बतानी तो शेयर कीजिये हमारे, साथ हम शेयर करेंगे सबके साथ

Poorishaadi टीम की ओर से राजेश और सुमन को Wedding Anniversary  की शुभकामनाये

 

कपल मैसेज : राजेश और सुमन का कहना है कि कई बार हो सकता है आपकी ज़िंदगी में ऐसी मुसीबतें आ सकती है जिसके लिए आप पहले से तैयार न हो पर इन मुसीबतों के बीच अपने साथी का साथ नहीं छोड़ना  चाहिए

 

 


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